नवीन लेख
विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
-
नवीनतम लेख
सफलता के मूल स्रोत
दिनांक 15.10.26 मानव जीवन में करने योग्य कोई भी कार्य उसका लक्ष्य हो सकता है, अगर उसमे सफलता प्राप्त करने हेतु निम्न दिए गए नियमो का पालन किया जाये तो कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि सफलता के इच्छुक को सफलता अवश्य मिल मिलेगी l उन नियमों में कुछ नियम इस प्रकार के हो सकते…
-
आरक्षण प्रावधान – पुनरावलोकन की आवश्यकता
दिनांक 20 सितंबर 2023 “आरक्षण प्रावधान” की आवश्यकता – भारत के अतिरिक्त विश्वभर में कहीं भी किसी राष्ट्र में आरक्षण व्यवस्था विद्यमान नहीं है l देश में “भारत सरकार अधिनियम 1935 – आरक्षण” का प्रावधान किया गया था । 1942 में बी आर अम्बेडकर ने “अनुसूचित जातियों” की उन्नति के समर्थन के लिए “अखिल भारतीय…
-
मैं और मेरा बहुमूल्य मतदान
विश्व के दूसरे महा लोकतांत्रिक प्रभुत्व संपन्न राष्ट्र भारत वर्ष के राज्य हिमाचल प्रदेश में स0 2027 में “विधान सभा” का चुनाव होना निश्चित है l इसके साथ ही साथ उसके विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी विधान सभा का चुनाव लड़ने का अपना मन बना लिया है, कमर कस ली है l वे अपने-अपने क्षेत्रों…
-
शिक्षा से विश्व का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन का आधार है। यह एकमात्र अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, विचार, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करने वाली शक्ति है। किसी भी देश और विश्व की प्रगति का मुख्य आधार शिक्षा ही है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।सबसे पहले,…
-
शिक्षा से समाज का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन और समाज के विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यह केवल अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, कौशल, चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करता है। एक शिक्षित समाज ही प्रगतिशील, वैज्ञानिक और समृद्ध समाज बन सकता है। इसलिए शिक्षा को समाज के चहुँमुखी (सर्वांगीण) विकास का प्रमुख साधन…
-
अपराध मुक्त गांव, अपराध मुक्त भारत
अपराध किसी भी समाज की शांति, सुरक्षा और विकास में से एक है। यदि भारत को सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाना है, तो इसकी शुरुआत यहीं गाँव से होगी, क्योंकि भारत की बड़ी आबादी आज भी गांवों में निवास करती है। इसलिए “अपराध मुक्त गाँव, अपराध मुक्त भारत” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक…
-
गाँव का जीवन और आध्यात्मिक अनुभव
गाँव को मात्र रहने की जगह मानना बहुत सीमित दृष्टिकोण होगा। वास्तव में, गाँव में जीवन एक आध्यात्मिक अनुभव भी हो सकता है। इसके कई पहलू हैं:1. प्रकृति के साथ गहरा संबंधगाँव में हम प्राकृतिक परिवेश में रहते हैं—हरी-भरी खेतियाँ, नदियाँ, पेड़-पौधे। यह हमें प्रकृति के चक्र और जीवन की सादगी से जोड़ता है। सूर्योदय…
-
हम और हमारा गाँव
दिनांक 7 मई 2026गाँव भारत की आत्मा कहलाते हैं। गाँवों में सादगी, अपनापन और प्रकृति का सुंदर संगम देखने को मिलता है। हमारा जीवन और गाँव एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। गाँव में केवल रहने का स्थान नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का आधार है।हमारा गाँव हरे-भरे सरकार, सुरक्षित और…
-
आदर्श गाँव का महत्व
दिनांक 7 मई 2026आदर्श गाँव वह गाँव होता है जहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वतंत्रता, रोज़गार, सड़क, पानी, बिजली और सामाजिक समानता जैसे सभी समान सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ऐसा गाँव केवल विकास का प्रतीक नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण समाज को प्रेरणा का केन्द्र बनाता है। आदर्श गाँव का महत्वपूर्ण निम्न प्रकार से समझा जा सकता है—1. सामाजिक…
-
मानव जीवन में गाँव का महत्व
दिनांक 7 मई 2026 मानव जीवन में गाँव का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। गाँव में केवल रहने का स्थान नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, सहयोग और प्राकृतिक जीवन का आधार है। भारत को “गाँवों का देश” कहा जाता है क्योंकि आज भी बड़ी संख्या में लोग गाँवों में निवास करते हैं। गाँव मानव जीवन…
-
अनुशासित गाँव
संकलित आलेख दिनांक 27 अप्रैल 2026अनुशासित गाँव वह गाँव होता है जहाँ लोग नैतिक, नैतिकता, स्वतंत्रता, समयपालन और सामुदायिक सहायता का पालन करते हैं। ऐसे गांव में सभी लोग मिल-जुलकर रहते हैं और गांव के विकास में अपना योगदान देते हैं। किसी भी समाज की प्रगति का आधार अनुशासित होता है, इसलिए गाँव का अनुशासित…