# लार्ड मैकाले ने ब्रिटिश संसद में भारत की परंपरागत भारतीय गुरुकुल शिक्षा प्रणाली के विरुद्ध बयान देकर उसके स्थान पर ब्रिटिश साम्राज्य हित की एक नई शिक्षा प्रणाली जारी करने का प्रस्ताव पेश किया था। दुर्भाग्यवश सन् 1840 ई0 से लेकर आजतक वह भारत में जारी है। इससे भारत की सनातन धर्म ओर संस्कृति का ही विकास अवरुद्ध नहीं हुआ हैं बल्कि उसका पल-पल पतन भी जारी है।*
चेतन कौशल "नूरपुरी"